Mindblown: a blog about philosophy.

  • ज़मीं-ओ-आसमाँ: अधूरी मोहब्बत की एक दर्दभरी दास्तान

    ज़मीं-ओ-आसमाँ: अधूरी मोहब्बत की एक दर्दभरी दास्तान

    तू अगर ज़मीं है, तो मैं आसमाँ हूँ, तू अगर बूंद है, तो मैं धुआँ हूँ। ज़मीं-ओ-आसमाँ को समेटे बैठे हैं, हम अपने ही अंदर ये आग दबाए बैठे हैं। ज़मीं-ओ-आसमाँ के परिंदे, आज किसी की याद में खोए हैं, शिकारी के जाल में फँसे हुए, अपने ही ख्वाबों में रोए हैं। गुरूर था हमें…

  • “बरसात, बूँदें और बेवफ़ाई — प्रेम का भीगा हुआ रूप”

    “बरसात, बूँदें और बेवफ़ाई — प्रेम का भीगा हुआ रूप”

    बरसात हो रही है, पानी की बूँदें झर-झर कर रो रही हैं। लगता है तन्हाई के बादल इनको भी घेर बैठे हैं।   तभी तो ज़मीं से मिलने के लिए ये बूँदें भी तरस रही हैं। कसूर इन हवाओं का है जो एक छोर से उस छोर ले जाती हैं बादल।   टक-टक देखती है…

  • ख़्वाब – बचपन की सच्ची मोहब्बत पर दिल छू लेने वाली कविता

    ख़्वाब…..   बचपन के   बिन बने मौसम के बदल वर्ष जायेंगे। देखना तुम एक दिन , हमारी मोहब्बत पाने के लिए तरस जाओगे। कागज की बनी नैया कभी दरिया पार नहीं होती। बचपन की हुई मोहब्बत हर किसी से बार बार नहीं होती। मेरे खुबाओ की रानी हो तुम,तुम दिया तो मैं बत्ती बन…

  • अपनों के बदल जाने का ग़म नहीं | दर्द भरी हिंदी शायरी

    अपनों के बदल जाने का ग़म नहीं | दर्द भरी हिंदी शायरी

    वो हैं किसी और के, और मैं अब भी उन पर मर रहा हूँ।अपनों के बदल जाने का ग़म नहीं मुझे, शिकायत बस इतनी है खुद से। कि ज़ुल्म मैं खुद पर ही कर रहा हूँ, वो हैं किसी और के, और मैं उन पर मर रहा हूँ।

  • हुस्न नहीं, तबायत से होती है मोहब्बत | दर्द भरी शायरी 2026

    ख़्वाब बदल जाते हैं, इंसान नहीं बदलते। फितरत बदल जाती है, ईमान नहीं बदलते। बदला करते हैं वो रिश्ते, जिनमें प्यार नहीं होता। मोहब्बत होती है शख़्स से, पर इज़हार नहीं होता। किसी ने सच कहा है कि दुनिया बदल जाती है, पर चाहने वाले का प्यार नहीं बदलता। तेरे हुस्न पर मरकर प्यार नहीं…

  • KHUSHBOO KISI OR KI

    KHUSHBOO KISI OR KI

    KHIDKI SE TERE JHAANKNA JAAYAZ  YA NAJAAYAZ .MAIN NHI SAMAJTHA. HOGA KOI SHAKHS TUJHE CHAHNE WALA KYA MAIN NAHI SAMAJHTA. CHAL CHHOD IN BAATON KO ,BHOOL GYA MAIN UN RAATON KO. MILKAR KISI SE AAYE HO TUM ,JISM PAR KHUSHBOO ALAG SI LAAYE HO TUM. YE TERE LIBAAS PAR MERE GULAAB KI KHUSHBOO NAHI .…

  • गरीबी, मोहब्बत और यादों का मेला” – एक अधूरी प्रेम कहानी

    जब में घर से निकला । तो साथ उसका भी था। दोनों थे घर स दूर । डर का साया भी साथ था। कसूर मेरा इतना था । कि मैं गरीब का लाल निकला। छोड़ चला वो एक दिन , दूर किसी देश को। मेरी रोटी खास नहीं लगी उसको। मेहनत मेरी बेकार लगी उसको।…

  • खामोशी और तन्हाई)

    मेरी ख़ामोशी यूँ बोलेगी, दीवारों पर लिखी मेरी दोस्ती बोलेगी। हर उस लम्हे में, जो तन्हाई में गुज़रा, मेरे दर्द की कहानी बोलेगी। मेरे हर ज़र्रे में होगा मेरा ख़त तेरे नाम, कभी मन करे तुझे मिलने का, तो तू आ जाना शाम। मेरे घर की इन ख़ामोश दीवारों को मेरी अधूरी दास्तान सुना जाना।…

  • तेरी हर रात मेरी बातों से गुज़रती होगी | दर्द भरी मोहब्बत शायरी

    तेरी हर रात मेरी बातों से गुज़रती होगी | दर्द भरी मोहब्बत शायरी

    तेरी हर रात मेरी बातों से गुज़रती होगी, मेरी ख़ामोशी भी तुझसे कुछ कहती होगी। मेरी मोहब्बत का फ़साना हर लम्हे तुझे याद आता होगा, जब तू अकेले में मुझे याद करके रोती होगी।। ,, Jaypee shayari.in✍️

  • वक़्त बदला, गाँव बदला – यादों से शहर बनने तक

    देखो, नज़रें झपकी ही थीं कि समय बदल गया। मेरा गाँव ही मानो शहर में बदल गया। जिसमें बचपना गुज़रा मेरा, वो कच्ची गलियाँ आज पक्की हो गई हैं। अब हर घर की दीवारें मिट्टी की नहीं रहीं, सब पत्थर की बन गई हैं। गाँव के एक छोर पर सूरज की किरण पड़ती थी, वहीं…

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